अगर आप रीवा जा रहे हैं, तो एंट्री फीस के तौर पर 30 से 50 रुपए देने पड़ेंगे। जी हां, यहां घुसने वाले हर वाहन से नगर प्रवेश के नाम पर वसूली की जा रही है। यही नहीं, वसूलीकर्ताओं ने बकायदा नगर निगम के नाम से रसीद कट्‌टा भी छपवा रखा है। इसके बदले में 20 रुपए की रसीद थमा दी जाती है। ये खेल दो साल से चल रहा है। बावजूद इस पर एक्शन नहीं हुआ। दैनिक भास्कर ने इसका स्टिंग किया। यहां बेधड़क तरीके वसूली होती दिखी।

दैनिक भास्कर की टीम सोमवार सुबह 10.30 बजे चोरहटा बाइपास पर बने सेल्फी पॉइंट के पास पहुंची। वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर टपरा (घास फूंस की मढ़ई) बना मिला। यहां दो से तीन लोग बैठे रहते हैं। इनमें से दो लोग बाहर बैठे रहते हैं। इसके पास कार और बस को छोड़ हर आने जाने वाले वाहनों को रोका जा रहा था। टपरा के पास पहुंचे, तो तीन युवक स्काई ब्लू कलर की शर्ट पहने युवक थे। वसूली के संबंध में बातचीत की। कहा कि ठेकेदार संदीप तिवारी के आदमी है। हम लोग ऑटो चालक, माल वाहक, पिकअप वाहन को रसीद देकर रुपए लेते हैं।

एक व्यक्ति यहां से निकलने वाले ऑटो ड्राइवर, माल वाहक, पिकअप वाहन, लोडिंग वाहन और अनलोडिंग कर लौटने वालों को रोकता है। इनसे एंट्री फीस के तौर पर 30 से 50 रुपए वसूलता है।

रोजाना निकलते हैं अफसर, किसी ने नहीं दिया ध्यान

दैनिक भास्कर के स्टिंग में नगर निगम, प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। चोरहटा बाईपास पर पुलिस का चेक पोस्ट भी बना है। फिर भी बेरोकटोक वसूली जारी है। खास है कि यहां से दिनभर में दो दर्जन से ज्यादा आला-अधिकारी निकलते हैं। फिर भी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।दावा है कि औसतन रोजाना 2 हजार से लेकर 4 हजार तक की अवैध वसूली होती है। ऐसे में एक महीने में 60 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक कलेक्शन होता है।

अफसर बोले- केस दर्ज हो, लेकिन कौन करेगा पता नहीं

निगम के राजस्व प्रभारी एमएस सिद्दीकी ने बताया कि संदीप तिवारी को शहर में बाजार बैठकी का ठेका दिया गया है। अगर चोरहटा बाईपास में नगर प्रवेश शुल्क ली जा रही है, तो गलत है। मामले में FIR होनी चाहिए। हालां​कि केस कौन दर्ज कराएगा, इस संबंध में उन्होंने किनारा कर लिया। मामले में जब चोरहटा थाने के अफसर से पूछा तो उन्होंने भी इसे गलत बताया। कहा कि हम लोग भी चाहते हैं कि अवैध वसूली पर एक्शन हो, लेकिन मामला नगर निगम का है, इसलिए हाथ बंधे हैं।

प्रदेश में कहीं नहीं लगती नगर प्रवेश की शुल्क!

जबलपुर पासिंग मालवाहक लेकर चोरहटा बाईपास से नगर प्रवेश करने वाले चालक देवेश वर्मन ने बताया कि 20 जून की सुबह करीब 11 बजे वाहन रोककर 20 रुपए की रसीद दी गई है, जबकि उससे 30 रुपए लिए गए। दावा किया कि प्रदेश में कहीं भी नगर प्रवेश की शुल्क नहीं ली जाती। सिर्फ रीवा में ऐसा चल रहा है। वह पहले भी कई बार गुजरा है, तब 50 रुपए तक लिए गए हैं।

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